Web browser क्या है और हमें इसकी ज़रूरत क्यों है?

ब्राउज़र क्या है (What is Web Browser in Hindi): एक Web Browser, या सिर्फ Browser”, वेबसाइटों को एक्सेस करने और देखने के लिए उपयोग किया जाने वाला एप्लिकेशन है। सामान्य वेब ब्राउज़रों में Microsoft Internet Explorer, Google Chrome, Mozilla Firefox,और Apple Safari शामिल हैं। ब्राउजर Hypertext Transfer Protocol (HTTP) का उपयोग करके डिलीवर किए गए वेब पेज और वेबसाइट को human-readable content में ट्रांसलेट करता है।

इस लेख में हम जानेंगे कि वेब ब्राउज़र क्या है (What is Web Browser in Hindi) यह कैसे काम करता है और ब्राउज़र को काम करने के लिए क्या आवश्यक होता है, तो चलो अब बिना देर किये हुए शुरू करते हैं। 

Web Browser क्या है (What is Web Browser in Hindi)?

Web Browser kya hai hindi

Browser एक एप्लीकेशन प्रोग्राम है जो वर्ल्ड वाइड वेब पर सभी सूचनाओं को देखने और उनसे interact करने का एक तरीका प्रदान करता है। इसमें Web pages, videos और images शामिल हैं। Web browser एक क्लाइंट प्रोग्राम है जो ब्राउज़र उपयोगकर्ता की ओर से पूरे इंटरनेट में वेब सर्वर को request करने के लिए HTTP (Hypertext Transfer Protocol) का उपयोग करता है।

 वेब ब्राउजर का प्राथमिक कार्य HTML को render करना है, जो कोड वेबपेजों को डिजाइन या “mark up” करने के लिए उपयोग किया जाता है। जब भी कोई ब्राउज़र किसी वेब पेज को लोड करता है, तो वह HTML को प्रोसेस करता है, जिसमें टेक्स्ट, लिंक और इमेज और अन्य आइटम जैसे कि cascading style sheets (css) and JavaScript functions शामिल हो सकते हैं। ब्राउज़र इन वस्तुओं को process करता है, फिर उन्हें ब्राउज़र विंडो में प्रस्तुत करता है।

Web Browser कैसे काम करता है – How a Web Browser works?


Web Browser client/server model के रूप में काम करते हैं। क्लाइंट वह ब्राउज़र है जो उपयोगकर्ता के डिवाइस पर चलता है और वेब सर्वर से request करता है, जबकि सर्वर-साइड वेब सर्वर है जो ब्राउज़र को जानकारी वापस भेजता है। फिर ब्राउज़र उपयोगकर्ता की डिवाइस पर information को interpret करता है और दिखता है।

Web Browser आम तौर पर कई तरह के inter-working पार्ट्स से बना होता है। इनमें user interface (UI) शामिल है, जो वह स्तर है जिसमें उपयोगकर्ता ब्राउज़र के साथ इंटरैक्ट करता है। ब्राउज़र इंजन वह है जो rendering engine पर queries करता है, और rendering engine वह है जो requested web page को प्रस्तुत करता है HTML या XML documents को interpret करते हुए।

नेटवर्किंग वह है जो internet security और communication को संभालती है। एक वेबसाइट में JavaScript code को interpret और execute करने के लिए JavaScript interpreter का इस्तेमाल किया जाता है। UI back-end का उपयोग windows जैसे widgets बनाने के लिए किया जाता है। इसके अतिरिक्त, एक persistence layer, जिसे data persistence या storage कहा जाता है जो bookmarks, caches और cookies जैसे डेटा को manage करता है।

वेब ब्राउज़र का इतिहास – Brief History of Web Browsers in Hindi


  • वर्ल्ड वाइड वेब जैसा कि हम जानते हैं कि इसका आविष्कार 1989 में CERN में Tim Berners-Lee द्वारा किया गया था, जो एक ब्रिटिश वैज्ञानिक थे, जिन्होंने शुरुआती इंटरनेट के user-side functionality को नए तरीके से बनाया था। 1991 में, Berners-Lee एक वेब ब्राउज़र का निर्माण करने वाले पहले व्यक्ति थे जिन्होंने WorldWideWeb ब्राउज़र बनाया जिसे बाद में बदलकर Nexus का नाम दे दिया गया।
  • 1993 में Mosaic आया, एक ऐसा ब्राउज़र जो text और images को एक साथ प्रदर्शित कर सकता था, जिसे इस तरह से डिज़ाइन किया गया था कि उसे हर एक व्यक्ति चला सके। Mosaic University of Illinois के National Center for Super computing Applications द्वारा बनाया गया था और दुनिया भर के उपयोगकर्ताओं द्वारा अपनाया गया था।
  • Netscape Navigator 1994 में आया था। इस ब्राउज़र की कई प्रगति में शामिल था इसका speed के लिए design किया गया dial-up modems जो कि आम था  सभी निजी घरों में।
  • इसके अलावा 1994 में Opera भी आया, जो विशेष रूप से प्रभावशाली है क्योंकि यह एक ऐसा  ब्राउज़र है जो अभी भी मजबूत हो रहा है और काफी लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।
  • Internet Explorer (IE) का पहला version 1995 में आया था। IE 3 1996 में आया, जिसने ब्राउज़र के dominance (प्रभाव) में बदलाव शुरू किया। इसने कई नई सुविधाओं के बीच मल्टीमीडिया एप्लिकेशन और इंटरनेट मेल को support किया। Internet Explorer जल्दी ही एक ताकत बन गया, जो 1999 तक leading ब्राउज़र बन गया।
  • Steve Jobs ने 2003 में Apple का पहला वेब ब्राउज़र, Safari पेश किया, जो सभी OS X operating systems के साथ शामिल हो गया।
  • Internet Explorer (IE) ने Netscape को कई तरह से मात दिया, लेकिन इसे 2004 में Firefox के लॉन्च के साथ एक प्रमुख प्रतियोगी मिला। Netscape Navigator spin-off, Mozilla, द्वारा निर्मित Firefox ने वेब ब्राउज़र के परिदृश्य (landscape) को प्रतिस्पर्धी स्थान (competitive space) में बदलना शुरू कर दिया।
  • 2008 में Chrome के लॉन्च ने वेब ब्राउज़र में Google के प्रवेश को चिह्नित किया। Google क्रोम-सोर्स कोड के अधिकांश भाग को “Chromium” नामक एक open-source project में जारी करता है।

आज के समय में कौन से इंटरनेट ब्राउजर उपलब्ध हैं?


अधिकांश ब्राउज़र मुफ्त डाउनलोड के लिए उपलब्ध हैं। आज के सबसे लोकप्रिय इंटरनेट ब्राउज़र में शामिल हैं:

इन इंटरनेट ब्राउज़रों में से प्रत्येक के फायदे और नुकसान हैं। उनकी वेबसाइटों को पढ़ें और फिर जो आपको ज़्यादा सही लगे उसे download करें।

उनके कोड किए जाने के तरीके के कारण, कुछ वेबसाइट एक इंटरनेट ब्राउज़र या किसी अन्य में बेहतर दिखती हैं। इस कारण से, आपके कंप्यूटर पर कम से कम दो ब्राउज़र उपलब्ध होना एक अच्छा idea होगा। उदाहरण के लिए यदि कोई entry form आपके primary browser में नहीं दिख  रहा है, तो यह आपके secondary internet browser पर आसानी दिख सकता है या काम कर सकता है।

कई इंटरनेट ब्राउज़र plug-ins को support करते हैं, जो helper programs होते हैं जिन्हें आप अपने ब्राउज़िंग अनुभव को customize करने के लिए डाउनलोड कर सकते हैं।

Plug-ins आपके forms को automatically भरने में मदद कर सकता है, आपके grammar और spelling की जांच कर सकता है, आपके ब्राउज़र में unwanted sounds को mute कर सकता है, आपको reminders भेज सकता है, और भी  बहुत कुछ कर सकता है।

आपके लिए कौन सा Browser सही है यह पता लगाने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप उन्हें डाउनलोड करें और उन्हें अच्छे से analyze करें और देखें आपके लिए कौन से extra features महत्वपूर्ण हैं? क्या वेबसाइटें जल्दी और reliably से लोड होती हैं? क्या आपका ब्राउज़र बहुत सारे resources का उपयोग कर रहा है और आपके द्वारा उपयोग किए जा रहे अन्य programs को धीमा कर रहा है? इन सभी चीज़ों को अच्छे से परखने के बाद आप खुद ही यह तय कर सकेंगे कि आपके के लिए कौन सा ब्राउज़र सही है।

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