Sabse Halki Gas Kaunsi Hai – सबसे हल्की गैस कौन सी है?

sabse halki gas kaun si hai

जैसा कि आप जानते हैं हमारा यह जो वायुमंडल है इसमें बहुत सी गैस पाई जाती हैं, तथा इन सभी गैसों का अपना-अपना गुणधर्म होता है। इनमें से कुछ गैसें भारी तथा कुछ गैसें हल्की भी होती हैं। अब ऐसे में अक्सर बहुत सारे लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर वायुमंडल में पाई जाने वाली Sabse Halki Gas कौन सी है?

इस पोस्ट में हम आपको वायुमंडल में पाई जाने वाली सबसे हल्की गैस के बारे में बताएंगे, और सिर्फ यही नहीं बल्कि हम आपको इस गैस से जुडी कुछ और महत्वपूर्ण जानकारी देंगे। इसलिए आप हमारे साथ इस पोस्ट के अंत तक बने रहें।

Sabse Halki Gas – सबसे हल्की गैस कौन सी है?

हमारे वायुमंडल में पाई जाने वाली सबसे हल्की गैस हाइड्रोजन है। यह आवर्त सारणी का सबसे पहला तत्व भी है। यह सबसे सरल परमाणु है, इसके एक परमाणु में एक प्रोटान तथा एक इलेक्ट्रॉन होता है।

हाइड्रोजन किसे कहते हैं तथा इसकी खोज किसने की?

हेनरी केवेण्डिस ने सन 1766 में हाइड्रोजन की खोज की थी, एंटोनी लेवाशियर ने 1783 में इसका नाम हाइड्रोजन  रखा क्यूंकि ऑक्सीजन के साथ मिलकर जल बनती है।

हाइड्रोजन  का symbol H होता है। इसकी परमाणु संख्या 1 तथा परमाणु भार 1.00794 होता है। हाइड्रोजन परमाणु मुक्त अवस्था में नहीं पाया जाता है क्यूंकि यह बहुत अधिक क्रियाशील होता है। इसके दो परमाणु आपस में जुड़कर हाइड्रोजन गैस का एक अणु H2 बनाते हैं। यही कारण है कि ज्यादा शुद्ध हाइड्रोजन को हाइड्रोजन गैस के रूप में पाया जाता है।

हाइड्रोजन के गुण

हाइड्रोजन रंगहीन, गंधहीन तथा स्वादहीन गैस होती है, यह अत्यधिक ज्वलनशील गैस है। हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को एक साथ जलाने पर जल का निर्माण होता है। हाइड्रोजन साधारण तापमान पर गैस के रूप में पाई जाती है तथा -259.14 डिग्री सेंटीग्रेड के तापमान पर यह तरल अवस्था में हो जाती है।

हाइड्रोजन के उपयोग

हाइड्रोजन हमारे दैनिक जीवन के लिए बहुत उपयोगी है। इसके बिना तो आप ज़िन्दगी की कल्पना भी नहीं कर सकते। सूरज जिससे हमें उष्मा और प्रकाश मिलता है, इससे हम काफी फायेदा उठाते हैं यह भी हाइड्रोजन गैस से बना है, हम रोजाना जल का उपयोग तो करते ही हैं यह भी हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से मिलकर बना होता है।

अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले सभी प्रकार के राकेट में हाइड्रोजन का उपयोग ईंधन के रूप में किया जाता है, इन सभी राकेट में तरल हाइड्रोजन और तरल ऑक्सीजन को साथ में जलाया जाता है जिसके नतीजे में बहुत ऊर्जा उत्पन्न होती और जो राकेट को अंतरिक्ष तक ले जाने में काफी सहायक होती हैं।

हाइड्रोजन का एक और उपयोग बहुत सी धातुओं का शुद्धिकरण करने में किया जाता है।

Conclusion 

उम्मीद करते हैं अब आपको पता चल ही गया होगा कि Sabse Halki Gas Kaun Si Hai तथा इससे सम्बंधित जानकारी भी प्राप्त हो गयी होगी, अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें। 

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