Paryavaran Par Nibandh Hindi Me – Environment Essay in Hindi

पर्यावरण का मानव जीवन में महत्वपूर्ण योगदान है, जिसे हम आपको इस Paryavaran Par Nibandh (पर्यावरण पर निबंध) के द्वारा समझाने का प्रयास करेंगे।

इसके अलावा अगर कभी आपके विद्यालय में Environment essay in Hindi लिखने को आता है, तो आप इस लेख की मदद ले सकते हैं।

इस लेख में हम आपको पर्यावरण का अर्थ और उसके महत्व से लेकर पर्यावरण के संरक्षण तक सभी के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे।

Paryavaran Par Nibandh Hindi Me

Paryavaran Par Nibandh | पर्यावरण पर निबंध

प्रस्तावना

हमारे चारों ओर उपस्थित प्रकृति द्वारा प्रदत्त वातावरण को पर्यावरण कहा जाता है, जिसमें प्रकृति ने समस्त जीव-जंतु तथा हम जैसे मनुष्यों के जीवन के विकास के लिए आवश्यक संसाधनों जैसे शुद्ध वायु तथा जल और उचित तापमान को उपलब्ध किया है।

प्रकृति द्वारा जीव-जंतुओं को प्रदान किया गया पर्यावरण, एक वरदान के समान है। जो समस्त जीवधारियों के जीवन के विकास के लिए उचित वातावरण का निर्माण करता है।

समस्त जीवधारियों के जीवन का विकास स्वच्छ वातावरण में ही संभव है, जो कि हमारा पर्यावरण हमें उपलब्ध कराता है। मनुष्य के द्वारा की गई प्रत्येक गतिविधि का सीधा संबंध पर्यावरण से होता है, जो सभी जीवधारियों के जीवन चक्र को गतिमान बनाए रखता है।

पर्यावरण का अर्थ

पर्यावरण शब्द का निर्माण दो शब्दों परि तथा आवरण से मिलकर बना है, जहां परि का मतलब, हमारे चारों तरफ तथा आवरण का मतलब, जो हमें घेरे हुए है। अर्थात जो हमें चारों तरफ से घेरे हुए है, पर्यावरण कहलाता है।

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पर्यावरण जैविक तथा अजैविक संघटकों से मिलकर बनी हुई इकाई है, जो हमारे जीवन की क्रियाओं को प्रभावित करती हैं तथा हमारे जीवन की समस्त क्रियाएं इसके द्वारा संपादित होती है।

पर्यावरण के जैविक घटकों के अंतर्गत सभी प्रकार के जीव जंतु, कीड़े-मकोड़े तथा पेड़-पौधे और उनसे जुड़ी समस्त जैव प्रक्रियाएं तथा क्रियाएं आती हैं।

जबकि पर्यावरण के अजैविक घटकों के अंतर्गत समस्त निर्जीव वस्तुएं जैसे: हवा, पानी, चट्टान, पर्वत, जलवायु आदि तथा उनसे जुड़ी प्रक्रियाएं शामिल है।

विश्व पर्यावरण दिवस

हमारे जीवन में पर्यावरण के महत्व को देखते हुए वैश्विक स्तर पर लोगों के मन में, पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है।

पर्यावरण का महत्व

चूंकि हम सभी जीवधारी पर्यावरण के द्वारा चारो तरफ से घिरे हुए हैं, इसलिए हम सभी के जीवन के विकास में पर्यावरण का विशेष महत्व है।

क्योंकि पर्यावरण ही समस्त जीवधारियों के जीवन के विकास के लिए आवश्यक संसाधन जैसे: शुद्ध वायु तथा जल आदि प्रदान करता है और जीवन के लिए जलवायु में उचित संतुलन बनाए रखता है।

समस्त जीवधारी, प्राकृतिक तत्व, मौसम, जलवायु तथा पेड़ पौधे और वनस्पतियां सभी पर्यावरण के अंतर्गत ही निहित है, इसलिए बिना पर्यावरण के हमारा जीवन असंभव है।

पर्यावरण और जीवन

पर्यावरण और जीवन के मध्य इतना घनिष्ठ संबंध है कि पर्यावरण के बिना मानव जीवन की कल्पना करना भी बहुत कठिन है।

क्योंकि पर्यावरण ने मनुष्य के जीवन के लिए आवश्यक मूल तत्व जैसे: हवा और पानी, धरती तथा आकाश और अग्नि आदि को उपलब्ध कराया है, और इन्हीं मूल तत्वों पर मानव जीवन टिका हुआ है।

भले ही हमने आज विज्ञान के क्षेत्र में बहुत उन्नति प्राप्त कर ली है, लेकिन प्रकृति द्वारा प्रदान किए गए इन मूल तत्वों की तुलना किसी अन्य चीज से नहीं की जा सकती हैं।

चूंकि मनुष्य के द्वारा की गई प्रत्येक गतिविधि का सीधा संबंध पर्यावरण से होता है, इसलिए मानव जीवन पर्यावरण पर ही निर्भर है।

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पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता

चूंकि समस्त मानव जीवन पर्यावरण पर ही टिका हुआ है, इसलिए हमें इसके महत्व को समझते हुए इसके दोहन को रोककर इसका संरक्षण करना चाहिए।

एक तरफ आज के समय में हमने विज्ञान के क्षेत्र में जो तरक्की हासिल की है, उसके कारण हम बहुत विकसित हुए हैं। लेकिन वही दूसरी तरफ हम इसके उन्नति के कारण पर्यावरण प्रदूषण के लिए भी जिम्मेदार हैं।

मानव द्वारा प्रौद्योगिकीकरण, आधुनिकीकरण और बढ़ती हुई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल में पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।

मनुष्यों के द्वारा शहरीकरण तथा अपने स्वार्थ के लिए वनों की अंधाधुंध कटाई और मानव द्वारा निर्मित प्रदूषणकारी पदार्थों के कारण पृथ्वी पर प्रदूषण बढ़ रहा है। जिसके कारण पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है और जलमंडल, वायुमंडल आदि प्रभावित हो रहे हैं, जो कि समस्त मानव जीवन के लिए बहुत ही खतरनाक है।

इसलिए हमें पर्यावरण के संरक्षण की बहुत आवश्यकता है, जिससे धरती पर मानव जीवन बना रहे। उसके लिए हमें कारगर उपाय अपनाने होंगे।

पर्यावरण संरक्षण के उपाय

पर्यावरण संरक्षण के लिए सबसे पहले हमें वनों की अंधाधुंध कटाई को रोकना चाहिए, और उसकी जगह पर अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने चाहिए।

हमें अनावश्यक रूप से प्राकृतिक संसाधनों जैसे पेड़ पौधे, पेट्रोलियम, शुद्ध जल आदि की बर्बादी नहीं करनी चाहिए और ऊर्जा की बचत करनी चाहिए।

हमें रासायनिक तथा हानिकारक पदार्थों का प्रयोग पर्यावरण के विरुद्ध नहीं करना चाहिए। हमें प्लास्टिक जैसे हानिकारक पदार्थों का प्रयोग न करके ऐसे पदार्थों का प्रयोग करना चाहिए जो कि पुनः उपयोग करने के लायक हो और Recycling किए जा सके।

इसके अलावा हमें प्रदूषणकारी तत्वों का प्रयोग कम से कम करने चाहिए और प्रदूषण को रोकने के लिए आवश्यक ठोस कदम उठाने चाहिए।

पर्यावरण का संरक्षण कोई भी एक सरकार या एक-दो व्यक्ति या समुदाय नहीं कर सकते, बल्कि इसके लिए समस्त मानव जाति को पर्यावरण संरक्षण को अपना कर्तव्य समझ कर एकजुट होकर आगे आना होगा और यह प्रतिज्ञा लेनी होगी कि हम सभी पर्यावरण संरक्षण के लिए उचित ठोस उपाय अपनाएंगे।

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Paryavaran Par Nibandh 10 लाइन | 10 Lines on Paryavaran in Hindi

  1. पर्यावरण मानव जीवन को प्रभावित करने वाली समस्त जैविक तथा अजैविक प्रक्रियाओं तथा तथ्यों, तत्वों से मिलकर बनने वाली इकाई है, जो कि हमारे चारों ओर व्याप्त है।
  2. मानव जीवन की समस्त घटनाएं पर्यावरण पर निर्भर करती है और इसी से प्रभावित तथा संपादित होती है।
  3. पर्यावरण हमारे जीवन के लिए सभी आवश्यक चीजें प्रदान करता है और आवश्यक जलवायु में उचित संतुलन बनाए रखता है, इस प्रकार समस्त मानव जीवन पर्यावरण पर ही निर्भर है।
  4. मानव द्वारा संपादित की जाने वाली समस्त प्राकृतिक तथा कृत्रिम घटनाएं पर्यावरण को प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती हैं ।
  5. समस्त जीवधारियों तथा पर्यावरण के मध्य अन्योन्याश्रित संबंध होता है।
  6. मनुष्य के जीवन में पर्यावरण के महत्व को समझाने तथा पर्यावरण के प्रति मानव को जागरूक करने के लिए 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  7. मनुष्य के हस्तक्षेप के आधार पर पर्यावरण को दो भागों, प्राकृतिक तथा मानव निर्मित पर्यावरण में बांटा गया है।
  8. प्राकृतिक पर्यावरण के अंतर्गत समस्त पेड़-पौधे, नदी-नाले तथा समुद्र, पर्वत, पशु-पक्षी, सूर्य का प्रकाश आदि आते हैं।
  9. पर्यावरण हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करता है, जो मानव जीवन का मूल तत्व है।
  10. पर्यावरण के महत्व को देखते हुए हमें इसका दोहन नहीं करना चाहिए बल्कि इसका संरक्षण करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

Paryavaran Par Nibandh – निष्कर्ष

मनुष्य के द्वारा अपने स्वार्थ के लिए किए गए गलत कार्यों की वजह से Paryavaran Pradushan बढ़ रहा है, जिससे मानव जीवन खतरे में पड़ सकता है।

इसलिए हमें इसके संरक्षण की आवश्यकता है और इसके लिए सरकार को कठोर तथा सख्त कानून बनाने चाहिए।

चूंकि हमारा जीवन पर्यावरण पर ही टिका हुआ है इसलिए हमें इसके संरक्षण को अपना कर्तव्य समझ कर निभाना चाहिए।

हम आशा करते हैं कि आपको पर्यावरण पर निबंध (Paryavaran Par Nibandh Hindi Me) पसंद आया होगा, अगर आपको यह पसंद आया है तो कृपया इसे अपने दोस्तों के साथ भी साझा करें धन्यवाद।

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