KYC Kya Hai? जानिये बिलकुल आसान शब्दों में!

यदि आप इस बारे में सोच रहे हैं कि KYC Kya Hai, तो हम आपको बता दें कि यह एक संक्षिप्त रूप है जिसका full form होता है ‘Know Your Customer’. भारतीय रिजर्व बैंक ने banks, financial institutions और अन्य organizations के लिए अनिवार्य किया है कि वे उन सभी ग्राहकों की पहचान और पते की पुष्टि करें जो उनके साथ financial transactions करते हैं।

KYC Kya Hai

KYC Kya Hai (What is KYC in Hindi)?

KYC किसी institution के लिए अपने उपभोक्ता के पहचान और पते के विवरण को प्रमाणित करने को आसान बनाता है। एक ग्राहक को mutual funds, fixed deposits, bank accounts आदि जैसे विभिन्न उपकरणों में निवेश शुरू करने से पहले अपना KYC जमा करना होता है। हालाँकि, किसी भी व्यक्ति को यह केवल एक बार ही करना होता है जब वह पहली बार निवेश करना शुरू करता है।

 

KYC कब आवश्यक होता है?

अब जब आप जान चुके हैं कि KYC क्या है तो अब आपको यह भी जान लेना चाहिए कि KYC की आवश्यकता कब होती है?

पहली बार investments करने से पहले केवाईसी आवश्यक होता है।

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KYC कैसे करें?

KYC verification process में 3 भाग होते हैं:

  • Document Verification – प्रदान किए गए दस्तावेज़ की प्रामाणिकता की जाँच करना
  • Identity Verification – पहचान को सत्यापित करना
  • Address Verification – दस्तावेज़ में दिए गए पते को सत्यापित करना

इनमें से प्रत्येक को या तो अलग से या एक साथ निष्पादित किया जा सकता है। भारत में सबसे अच्छे विकल्पों में से एक होगा UIDAI द्वारा आधार का उपयोग करना, और तीनों को verify करना। बायोमेट्रिक डेटा द्वारा समर्थित प्रत्येक आधार unique होता है और पहचान और पते के प्रमाण के रूप में कार्य कर सकता है।

 

KYC के तहत एकत्र की जाने वाली जानकारी

  • Personal details जैसे नाम, परिवार के सदस्यों के नाम, पैन नंबर, जन्म तिथि, शैक्षिक योग्यता, व्यावसायिक और पेशेवर विवरण, आवासीय स्थिति आदि।
  • Identity proofs की Attested copies जैसे Driving License, Passport, Aadhaar card, Voter ID आदि।
  • Address proof के साथ Address details जैसे आधार कार्ड या निर्दिष्ट कोई अन्य दस्तावेज।
  • Contact details जैसे email id, phone number
  • Latest passport size photograph

एक बार जब आप सभी दस्तावेज जमा कर लेते हैं, तो KRA (Key Result Area) in-person verification करेगा। इस verification का उद्देश्य आपके पहचान और पते के विवरण को फिर से जांचना होता है।

आमतौर पर, KRA आपके साथ एक appointment set up करेगा। जिसमें Verification के लिए आपको अपने application forms में listed original documents को ले जाना होगा।

सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित फंड हाउस KRA के सिस्टम पर आपके details को upload करेगा। और फिर आपको KRA से एक सूचना प्राप्त हो जायेगी।

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