चक्रवात किसे कहते हैं हिंदी में | चक्रवात कैसे बनता है

चक्रवात किसे कहते हैं: आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे कि चक्रवात क्या है, चक्रवात के प्रकार तथा चक्रवात कैसे बनते हैं आदि के बारे में विस्तृत अध्यन करेंगे इसलिए इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें। 

चक्रवात किसे कहते हैं | चक्रवात कैसे बनता है

चक्रवात किसे कहते हैं | Chakrawat Kise Kahate Hain Hindi Mein

चक्रवात निम्न वायुदाब के केंद्र होते हैं, जिनके चारों तरफ केंद्र की और जाने वाली समवायुदाब रेखाएं विस्तृत होती हैं। केंद्र से बाहर की ओर वायुदाब बढ़ता जाता है इसलिए परिधि से केंद्र की ओर हवाएं चलने लगती है। 

चक्रवात में हवाओं की दिशा उत्तरी गोलार्द्ध में घड़ी की सूई के विपरीत तथा दक्षिण गोलार्द्ध में अनुकूल होती हैं। इनका आकार अंडाकार या U के सामान होता है। 

चक्रवात के प्रकार

स्थिति के आधार पर चक्रवात को 2 भागों में बांटा गया है – 

  1. उष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Tropical Cyclone)
  2. शीतोष्ण चक्रवात (Temperate Cyclone)

उष्ण कटिबंधीय चक्रवात (Tropical Cyclone)

उष्ण कटिबंधीय चक्रवातों की अधिकतम बारंबारता पूर्वी चीन सागर में मिलती है और इसके बाद कैरीबियन, हिन्द महासागर और फिलिपीन्स उसी क्रम में आते हैं।  

उष्ण कटिबंधीय चक्रवातों को कैरीबियन सागर में हरिकेन, पूर्वी चीन सागर में टायफून, फिलिपीन्स में बैगयु, जापान में टायसु, आस्ट्रेलिया में विलिबिली तथा हिन्द महासागर में चक्रवात और साईक्लोन के नाम से जाना जाता है। 

उष्ण कटिबंधीय चक्रवात की विशेषताएं 

  •  इनका व्यास 80-300 किमी. होता है, तथा कभी-कभी 50 किमी. से भी कम होता है।
  •  इसकी औसत रफ़्तार 28-32 किमी. प्रतिघंटा होती है लेकिन हरिकेन और टायफून 120 किमी. प्रतिघंटा से भी ज्यादा रफ़्तार से चलते हैं।
  • इनकी रफ़्तार स्थल की अपेक्षा सागरों पर अधिक तेज़ होती है।
  • इसमें अनेक वाताग्नर नहीं होते और न ही तापक्रम सम्बन्धी विभिन्नता पायी जाती है।
  • कभी-कभी एक ही जगह पर ठहरकर तेज वर्षा करते हैं।
  • केंद्र में न्यून वायुदाब होता है।
  • इनका विस्तार भूमध्य रेखा के 33 1/2 उत्तरी और दक्षिणी अक्षांशों तक होता है।  

शीतोष्ण चक्रवात (Temperate Cyclone)

शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात को गर्त चक्र या निम्न दाब क्षेत्र भी कहा जाता है। इनकी उत्पत्त्ति दोनों गोलार्द्धों में 30-65 ०C अक्षांशों के बीच होती है। इन अक्षांशों के बीच उष्ण वायु राशियाँ व शीतल ध्रुवी वायु राशियाँ जब मिलती है तो ध्रुवीय तरंगों के कारण गर्त चक्रों की उत्पत्ति होती है। 

उत्तरी अमेरिका के उत्तर-पूर्वी तटीय भाग से उत्पन्न होकर ये चक्रवात पछुवा हवाओं के साथ पूर्व दिशा में यात्रा करते हैं तथा पश्चिमी यूरोपीय देशों पर प्रभाव डालते हैं।

शीत ऋतू में भूमध्य सागर पर शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवात सक्रीय हो जाते हैं। इसका प्रभाव दक्षिणी स्पेन, फ्रांस, इटली, बाल्कन प्रायद्वीप, टर्की, इराक, अफगानिस्तान और उत्तर-पश्चिमी भारत पर होता है।    

शीतोष्ण चक्रवात की विशेषताएं 

  • इनमें दाब प्रवणता कम होती है, समदाब रेखाएं V आकार की होती हैं।
  • जल तथा स्थल दोनों विकसित होते हैं व हजारों किमी. क्षेत्र पर इनका विस्तार होता है।
  • वायुवेग उष्ण कटिबंधीय चक्रवातों से कम होती है।
  • अधिकतर शीत ऋतू में उत्पन्न होते हैं।
  • तेज बौछारों के साथ रुक-रुक कर वर्षा होती है, जो कई दिनों तक चलती रहती है।
  • शीत कटिबंधीय चक्रवातों के रास्ते को झंझा पथ कहा जाता है।     

प्रतिचक्रवात किसे कहते हैं 

प्रतिचक्रवात वृत्ताकार समदाब रेखाओं से घिरा हुआ वायु का ऐसा क्रम होता है जिसके केंद्र में वायुदाब उच्चतम होता है और बाहर की तरफ घटता जाता है, जिसकी वजह से हवाएं केंद्र से परिधि की ओर चलती है।  

प्रतिचक्रवात उपोष्ण कटिबंधीय उच्चदाब इलाकों में ज्यादा उत्पन्न होते हैं मगर भूमध्य रेखीय भागों में इनका पुर्णतः आभाव होता है। शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों के विपरीत प्रति चक्रवातों में मौसम साफ़ होता है।

प्रतिचक्रवात की विशेषताएं

  • इनका आकार गोलाकार होता है लेकिन कभी-कभी U आकार में मिलती हैं।
  • केंद्र में वायुदाब ज्यादा होता है और केंद्र तथा परिधि के वायुदाबों के अंतर 10-20 मी. तथा कभी-कभी 35 मी. होता है।
  • दाब प्रवणता कम होती है।
  • आकार में प्रतिचक्रवात, चक्रवातों के अपेक्षा काफी विस्तृत होते हैं, इनका व्यास चक्रवातों की अपेक्षा 75% अधिक बड़ी होती है।
  • प्रतिचक्रवात 30-35 किमी. प्रतिघंटा की चाल से चक्रवातों के पीछे चलते हैं। इनका मार्ग व दिशा निश्चित नहीं होता है।
  • प्रतिचक्रवात का तापमान, मौसम वायुराशि के स्वाभाव व आद्रता पर आधारित होता है।  

चक्रवात कैसे बनता है

गर्म इलाके के समुद्र में मौसम की गर्मी से हवा गर्म होकर कम वायुदाब का क्षेत्र बनाती है। हवा गर्म होकर तेजी से ऊपर आती है और ऊपर की नमी से मिलकर संघनन से बादल बनाती है।

इस वजह से बने खाली जगह को भरने के लिए नम हवा तेजी से नीचे जाकर ऊपर आती है, जब हवा बहुत तेजी से उस क्षेत्र के चारों तरफ घूमती है तो घने बादलों और बिजली के साथ मूसलाधार बारिश करती है। 

चक्रवात किसे कहते हैं – Video Guide 

FAQ

Q. उष्णकटिबंधीय चक्रवात कैसे बनते है?

Ans. उष्णकटिबंधीय चक्रवात तब बनता है जब जलवाष्प और ऊष्मा का गर्म महासागर से ऊपर की हवा में स्थानांतरण मुख्य रूप से समुद्र की सतह से वाष्पीकरण द्वारा होता है।

Conclusion 

उम्मीद करते हैं आपको हमारे इस पोस्ट चक्रवात किसे कहते हैं (Cyclone in Hindi) तथा चक्रवात कैसे बनता है से काफी जानकारी प्राप्त हुई होगी अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी तो इसे जरूर शेयर करें। 

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